दोबारा प्रयास करने से कभी मत घबराना मोटिवेशनल स्टोरी | dobara prayas Karne Se Kabhi mat ghabrana motivational story

किसी ने बड़ी ही कमाल की बात कही है फिर से प्रयास करते वक्त मत घबराना क्योंकि इस बार शुरुआत जीरो से नहीं अनुभव से होगी दोस्तों आज मैं आप सभी लोगों के लिए एक मोटिवेशनल कहानी लेकर के आया हूं अगर यह कहानी आप सभी लोगों को अच्छी लगे तो इस कहानी को लाइक कीजिएगा और अपने दोस्तों में शेयर कीजिएगा

दोबारा प्रयास करने से कभी मत घबराना मोटिवेशनल स्टोरी | dobara prayas Karne Se Kabhi mat ghabrana motivational story
दोबारा प्रयास करने से कभी मत घबराना मोटिवेशनल स्टोरी | dobara prayas Karne Se Kabhi mat ghabrana motivational story

तो चलिए शुरू करते हैं दोस्तों यह कहानी एक विद्यार्थी की है जो गांव में रहता था और पढ़ने में बहुत अच्छा था वह हमेशा अपने क्लास में फर्स्ट आता था सबसे ज्यादा नंबर लेकर के आता था लेकिन अब उसके पास सबसे बड़ी समस्या यह हो गई थी कि गर्मी का सीजन चल रहा था और उस विद्यार्थी को पढ़ने में काफी तकलीफ हो रही थी अपने रूम में क्योंकि गर्मी बहुत पड़ रही थी और बाहर लाइट नहीं थी कि बाहर जा करके पढ़ सके रात में बहुत अंधेरा रहता था दूसरे दिन उस विद्यार्थी ने दिमाग लगाया उसने सोचा क्यों ना मैं यहां पर एक टावर बना देता हूं हमारे पास ईंट भी पड़ी हुई है तो इस ईंट से हम टावर बना देते हैं और हमें पढ़ाई करने में आसानी होगी इस टॉपर पर एक बल्ब लगा देंगे और हमें गर्मी भी नहीं होगी और हम अच्छे से पढ़ाई भी कर सकेंगे उस विद्यार्थी ने टावर बनाना चालू कर दिया उस विद्यार्थी को टावर बनाने में 3 दिन चले गए क्योंकि उसे पता नहीं था काफी दिनों तक उस टावर के सहारे उस विद्यार्थी ने करीब एक महीने तक पढ़ाई की उसे अब बहुत अच्छा फील हो रहा था बहुत अच्छी पढ़ाई करने लगा था अभी रात के 2:00 बजे पढ़ाई करने लगता था कभी 4:00 बजे उठ जाता था उस बच्चे का पढ़ाई में मन बहुत अच्छा लगता था लेकिन एक दिन क्या हुआ कि एक जानवर गांव में भटकता हुआ आया और उस टावर को गिरा दिया उस विद्यार्थी ने सोचा अब क्या होगा फिर से हमें 3 दिन लगेंगे टावर को बनाने में और हमारे पढ़ाई का काफी नुकसान भी हो जाएगा लेकिन उस विद्यार्थी में टावर को बनाना शुरू किया लेकिन 3 दिन के बजाय वह टावर एक ही दिन में बन गया ऐसा क्यों हुआ क्या आपने कभी सोचा है नहीं सोचा तो मैं आप सभी लोगों को बता देता हूं क्योंकि जब अगली बार उस विद्यार्थी ने उस टावर को बनाया था तब उसे कोई अनुभव नहीं था कि इस टावर को कैसे बनाया जाए और जब दोबारा से उसने टावर बनाया तब उसने जीरो से नई शुरुआत की उसने अपने अनुभव से बनाया उसे पता हो गया था कि टावर कैसे बनता है और उसने फटाफट टावर तैयार कर दिया दोस्तों आपकी लाइफ में भी कभी ऐसा हो तो आप समझ जाइए की अगली बार जितना मेहनत हमने किया था किसी काम को करने में वह दोबारा से अगर मैं उस काम को करूंगा तो उसने मेहनत नहीं लगेगी उतना समय नहीं लगेगा क्योंकि हमारे पास अनुभव आ चुका है हमने उस काम को करने का तरीका सीख लिया है तो दोस्तों उम्मीद करता हूं यह छोटी सी कहानी आप सभी लोगों को अच्छी लगी होगी अगर यह कहानी आप सभी लोगों को अच्छी लगी है तो इस कहानी को भी लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में शेयर कर दीजिए और हां दोस्तों ऐसे ही कहानियां और भी सुनने के लिए आप हमें फॉलो कर लीजिए ताकि आने वाली कहानियों का नोटिफिकेशन आपको मिलता रहे तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी मोटिवेशनल कहानी के साथ ।

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