दोस्तों किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है कि भरोसा अगर ईश्वर पर है तो जो लिखा है तकदीर में वही पाओगे और भरोसा अगर खुद पर है तो ईश्वर वही लिखेगा जो आप चाहोगे दोस्तों आज मैं आपके लिए एक मोटिवेशनल कहानी लेकर के आया हूं अगर यह कहानी आप सभी लोगों को अच्छी लगे तो इस कहानी को लाइक कीजिएगा और अपने दोस्तों में शेयर कीजिएगा तो चलिए शुरू करते हैं
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| भरोसा अगर खुद पर है तो ईश्वर वही लिखेगा जो आप चाहोगे | bharosa Agar khud par hai to Ishwar Vahi likhega Jo Aaj chahogi motivational story |
दोस्तों एक छोटे से गांव में मोहन नाम का एक व्यक्ति रहता था उसने अपनी पढ़ाई कंप्लीट करने के बाद मोहन ने अपने पिता से कहा कि पिताजी मैं एक धंधा करना चाहता हूं होटल चलाना चाहता हूं मुझे कुछ पैसों की जरूरत है क्या आप मुझे देंगे पिताजी ने कहा बेटा अगर तुम धंधा बिजनेस करना चाहते हो तो बहुत अच्छी बात है कितने पैसों की जरूरत है लेकिन मैं पैसे केवल एक बार ही दूंगा उसके बाद तुम्हारे धंधे में या मुनाफा हो या घाटा हो यह मैं नहीं जानता उसके बाद में आपको पैसे नहीं दे सकता उसी में तुम्हें जो भी धंधा बिजनेस करना है उसी से तुम्हें आगे बढ़ना होगा मोहन ने कहा पिताजी ठीक है आप मुझे पैसे दे दीजिए मोहन के पिताजी ने मोहन को पैसे दिए और मोहन ने मार्केट में एक होटल डाल दिया करीब 6 महीने तक मोहन होटल चलाया उसके बाद होटल को बंद कर दिया मोहन को होटल में काफी घाटा लग चुका था अब मोहन ने उस होटल को बेच दिया और जो पैसे मिले उस होटल से उसने एक छोटा पानी पूरी का दुकान खोल लिया अब उस दुकान से मोहन को पैसे आना चालू हो गए होटल से अच्छे पैसे आ रहे थे लेकिन थोड़े ही दिन में मोहन को पानी पूरी की दुकान भी बंद करनी पड़ी क्योंकि मोहन अच्छा पानी पूरी नहीं बना पाता था
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| भरोसा अगर खुद पर है तो ईश्वर वही लिखेगा जो आप चाहोगे | bharosa Agar khud par hai to Ishwar Vahi likhega Jo Aaj chahogi motivational story |
जब लोग खाते थे तो दोबारा मोहन की दुकान पर नहीं आते थे मोहन को पानी पूरी की दुकान भी बंद करनी पड़ी अब मोहन के पास ज्यादा पैसे नहीं बचे थे थोड़े बहुत पैसे बचे थे तो मोहन उन पैसों को बैंक में डिपॉजिट कर दिया उसके बाद मोहन गांव के एक होटल में काम करना चालू कर दिया मोहन धीरे-धीरे काम करते करते वहां के कारीगरों से अच्छी बातचीत करने लगा और धीरे-धीरे मोहन एक अच्छा होटल का कारीगर बन गया अच्छी-अच्छी चीजें मिठाईयां समोसे और जो भी होटल की सामग्री होती है सारा चीज अच्छे से बनाने लगा लेकिन, अब मोहन के पास पैसे नहीं थे कि दोबारा से एक अच्छा होटल खोल सके मोहन कुछ दिनों तक उस होटल में काम किया उसके बाद वाह मुंबई चला गया मुंबई में मोहन जाकर के एक होटल में काम करना चालू कर दिया मिठाईयां बनाने का काम चालू कर दिया मोहन को गांव में जो मिठाईयां चलती थी वही सारी मिठाई बनानी आती थी तो मोहन ने शहर में जो अच्छे-अच्छे मिठाईयां बनती थी उसके तरीके सीखे मोहन एक अच्छा कारीगर बन चुका था मोहन करीब 2 साल तक शहर में काम किया अब मोहन के पास अच्छे पैसे भी हो गए थे ताकि वह अच्छा एक होटल गांव में आकर के खोल सके और मोहन को बहुत ढेर सारी चीजें सीखने को मिल चुकी थी जो गांव में किसी को नहीं आती थी अब मोहन मुंबई से गांव अपने घर आ गया और पिता जी से कहा पिताजी मैं फिर से होटल खोलना चाहता हूं पिताजी ने कहा, आप होटल खोलो लेकिन मैं आपकी कोई मदद नहीं करूंगा क्योंकि पहले ही तुमने बहुत ढेर सारे पैसे व्यर्थ कर दिए हैं मोहन ने कहा कि आपको पैसे देने की कोई जरूरत नहीं है मैं इस बार अपनी कमाई हुई मेहनत के पैसों से होटल खोलूंगा और आपसे वादा करता हूं इस बार होटल अच्छे से चला लूंगा और चलेगा ही चलेगा क्योंकि मुझे अपने आप पर भरोसा है मैंने वह सारी चीजें सीखी हुई है जो यहां गांव में अभी किसी को नहीं पता है मोहन ने होटल फिर से शुरू किया और जो भी कस्टमर मोहन की होटल पर आते वह हमेशा के लिए फिक्स हो जाया करते थे क्योंकि मोहन जो चीजें बनाता था वह बहुत ही स्वादिष्ट हुआ करते थे अब मोहन का होटल मार्केट में एक नंबर का चलने लगा था अब मोहन के पिताजी को अपने बेटे पर गर्व हो रहा था और जितने भी गांव के लोग थे वह मोहन के पिताजी को कह रहे थे आपके बेटे ने तो कमाल कर दिया आपके बेटे ने आप का भरोसा जीत लिया आपके बेटे ने जो किया जो मेहनत की उसने इतने दिनों तक वह सफल हो गई तो दोस्तों किसी ने बहुत ही कमाल की बात कही है
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| भरोसा अगर खुद पर है तो ईश्वर वही लिखेगा जो आप चाहोगे | bharosa Agar khud par hai to Ishwar Vahi likhega Jo Aaj chahogi motivational story |
कि ईश्वर वही लिखता है जो आप चाहते हो आप तकदीर के भरोसे मत रहो कि ईश्वर ने क्या लिखा है मारे तकदीर में आप अपने आप पर भरोसा रखो कि मैं जो कर्म करूंगा उसी के आधार पर हमें सुविधाएं मिलेंगी हमें वह चीजें मिलेंगी हमारी मंजिल मिलेगी हमें वही रास्ता मिलेगा जो हम सुनेंगे अगर हम गलत रास्ता चुनेंगे तो हमें गलत ही लोग मिलेंगे अगर हम सही रास्ता चुनेंगे तो हमे सही लोग मिलेंगे दोस्तों उम्मीद करता हूं इस कहानी से आप सभी लोगों को कुछ ना कुछ सीखने को मिला है अगर इस कहानी से आपको कुछ सीखने को मिला है तो इस कहानी को आभी लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में शेयर कर दीजिए और हां दोस्तों ऐसे ही और अच्छी कहानियां सुनने के लिए और पढ़ने के लिए आप हमें फॉलो कर लीजिए ताकि आने वाली कहानियों का नोटिफिकेशन आपको मिलता रहे तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी मोटिवेशनल कहानियों के साथ ।



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