जिंदगी एक रंगमंच, वह कौन है | jindagi Ek rang manch vah kaun hai Part 1

वह कौन है मुझे नहीं पता यह बात उस वक्त की है जब मैं एक बड़े से जंगल से अपनी गाड़ी चलाता हुआ आ रहा था अपने घर तभी मैं एक अजीब सी आवाज सुनता हूं मुझे लगता है शायद मुझे कोई बुला रहा है और मैं अचानक गाड़ी रोक देता हूं गाड़ी का गेट खोलता हूं और बाहर निकल कर देखने लगता हूं बाहर कोई नहीं रहता है तभी एक आवाज सुनाई देती है मुझे ऐसा लगता है वह आवाज मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रही है अपनी तरफ खींच रही है मुझे ऐसा लगता है मुझे कोई बुला रहा है मैं उस जंगल की तरफ आगे बढ़ता हूं तभी मैं देखता हूं वाइट कपड़ो में एक सुंदर लड़की जा रही है  वह जो अपने पैरों में पायल पहने हुए होती है

जिंदगी एक रंगमंच, वह कौन है  | jindagi Ek rang manch vah kaun hai Part 1
जिंदगी एक रंगमंच, वह कौन है  | jindagi Ek rang manch vah kaun hai Part 1

उस पायल के घुंघरुओं की झंकार मेरे कानों में गूंजने लगता है छन छन ऐसा लगता है वह मेरे करीब आ रही है मैं कुछ देर वहीं पर ठहर जाता हूं तभी वह आवाज धीरे धीरे मुझसे दूर जाने लगती है और मैं उस आवाज का पीछा करता हुआ धीरे-धीरे उसके पीछे पीछे जाने लगता हूं काफी आगे जाने के बाद मुझे एक लड़की दिखाई देती है ऐसा लगता है कोई परी है उसको मैं पहले कभी नहीं देखा वह मुड़कर कातिलाना आंखों से मुझे घूर कर देखती है ऐसा लगता है शायद वह मुझे पहली बार देख रही है और मैं बहुत अजीब हूं इसलिए मुझे वह ऐसा देख रही है धीरे-धीरे वह आगे बढ़ने लगती है और हवाओं में गायब हो जाती है मुझे लगता है शायद वह इधर किधर है और मैं उसे ढूंढने लगता हूं तभी फिर से वही आवाज पायल की छन छन मेरे कानों में गूंजने लगती है और मैं उस आवाज का पीछा करते हुए आगे बढ़ता हूं तभी मैं देखता हूं वह लड़की एक पहाड़ की तरफ जा रही होती है धीरे-धीरे मैं भी, उसका पीछा करते हुए उसके पास पहुंच जाता हूं और मैं जानना चाहता हूं कि वह कौन है, मेरे मुंह से कोई आवाज नहीं निकलता है मैं उसका दुपट्टा पकड़ लेता हूं और वह दुपट्टा धीरे-धीरे सरक रहा है अचानक लड़की आगे निकल जाती है और मैं आगे बढ़ता हूं तभी देखता हूं एक सांप ने आकर के मुझे डस लिया और मैं वहीं पर गिर गया यह सपना मैं हर बार हर रोज हर रात देखता हूं इस सपने का अंत कब होगा मुझे नहीं पता शायद इसका कोई अंत ही नहीं है मैं अपने घर वालों को इस सपने के बारे में बताता हूं पूछता हूं
जिंदगी एक रंगमंच, वह कौन है  | jindagi Ek rang manch vah kaun hai Part 1
जिंदगी एक रंगमंच, वह कौन है  | jindagi Ek rang manch vah kaun hai Part 1

इसका कोई मतलब तो होगा मेरे घर वाले बोलते हैं इसका कोई मतलब नहीं है एक बुरा सपना था इसे बुरा सपना समझकर भूल जाओ हर बार मेरे मॉम डैड का यही फैसला हमेशा रहता है हमेशा मुझे बोलते हैं यह एक बुरा सपना था और मैं मान लेता हूं दोस्तों इसके आगे की कहानी पढ़ने के लिए  हमें फॉलो कर लीजिए तो मिलते हैं नेक्स्ट पार्ट में और हां दोस्तों यह कहानी आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताइएगा ताकि इसका अगला भाग में आप लोगों के लिए जल्दी लेकर आ सकूं ।

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