गरीब किसान बना करोड़पति प्रेरणादायक कहानी | Garib Kisan Banaa Karodpati Prernadayak Kahani

 एक बार की बात है एक राज्य में धनीराम नाम का एक व्यक्ति रहता था वह व्यक्ति उस राज्य का सबसे धनी व्यक्ति था लेकिन वह हमेशा दुखी रहता था उसके दुख का कारण यह था कि उसकी बेटी स्वस्थ नहीं हो रही थी वह कई सालों से बीमार थी धनीराम की सबसे बड़ी परेशानी यही थी अब धनीराम बहुत गहरी सोच में एक दिन डूबा हुआ था तभी उसके मन में एक विचार आया उसने अपने मैनेजर से कहा की आप अखबार पेपर जहां भी आप खबर पहुंचा सकते हैं जहां तक आप पूरे राज्य में यह खबर कर दीजिए कि जो भी हमारी बेटी का इलाज करेगा और हमारी बेटी स्वस्थ हो जाएगी तो उसे मैं मुंह मांगा इनाम दूंगा मैनेजर ने अखबार पेपर टीवी हर जगह प्रचार करवा दिया खबर फैला दी अब लोग संत महात्मा बड़े-बड़े डॉक्टर आने लगे धनीराम के घर अब धनीराम की बेटी को सभी डॉक्टर देखते और वापस चले जाते सभी मना कर देते कि यह मेरे बस की बात नहीं है मैं इस लड़की का इलाज नहीं कर सकता धनीराम बहुत परेशान हो गए अब उनके पास कोई डॉक्टर साधु महात्मा भी नहीं आ रहे थे सब लोग आना बंद कर दिए थे

गरीब किसान बना करोड़पति  प्रेरणादायक कहानी | Garib Kisan Banaa Karodpati Prernadayak Kahani
गरीब किसान बना करोड़पति  प्रेरणादायक कहानी | Garib Kisan Banaa Karodpati Prernadayak Kahani

एक दिन की बात है एक दिन एक महात्मा जी आए और उस लड़की को देखें महात्मा जी धनीराम से बोले कि इस लड़की को वही स्वस्थ कर सकता है जो इसे नींबू खिलाएगा या कह कर वह महात्मा जी चले गए तभी धनीराम के दिमाग में आया कि मैंने तो महात्मा जी से पूछा ही नहीं कि कौन से पेड़ का नींबू मैं अपनी बेटी को खिला हूं जिससे वह स्वस्थ हो जाए ठीक हो जाए अब वह बहुत आश्चर्य में थे उन्होंने अपने मैनेजर से कहा कि आप इस राज्य में अनाउंस करवा दीजिए कि जो भी नींबू लेकर आएगा जिस के नींबू से हमारी बेटी ठीक हो जाएगी जिस नींबू को खा करके उससे मैं अपनी बेटी की शादी कर दूंगा और अपनी आधी संपत्ति उसे दे दूंगा मैनेजर ने ऐसा ही किया मैनेजर अखबार टीवी रेडियो सोशल मीडिया खबर फैला दी अब लोग तरह-तरह के नींबू लेकर के आने लगी लेकिन उसकी बेटी स्वस्थ नहीं हुई अब बहुत कम लोग उसके घर आते थे  अब धनीराम को उम्मीद ही नहीं थी कि हमारी बेटी कभी ठीक हो पाएगी तभी एक छोटे से गांव में एक किसान रहता था उनके दो बेटे थे सोनू और मोनू सोनू बड़ा था और मोनू छोटा था उसके पिताजी सोनू को बहुत प्यार करते थे क्योंकि वह हर काम अच्छे तरीके से करता था तो उनके पिताजी ने कहा कि बेटा यह जो नींबू आप देख रहे हो हमारे दरवाजे पर है यह बहुत ही चमत्कारी है मुझे लगता है कि इस नींबू से धनीराम की बेटी अवश्य ठीक होगी और वह बहुत धनवान है अगर इस नींबू से ठीक हो गई तो तुम्हारी शादी अपनी लड़की से कर देंगे फिर हमें यह खेती-बाड़ी करने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ेगी हम वैसे ही अमीर बन जाएंगे सोनू ने कहा ठीक है पिताजी आप नींबू उठा कर के दे दीजिए और मैं एक टोकरी लेकर के चला जाता हूं  सोनू अपने घर से चल देता है उसे रास्ते में वही महात्मा जी मिलते हैं जिन्होंने बताया था कि आपकी बेटी नींबू से ठीक होगी,
गरीब किसान बना करोड़पति  प्रेरणादायक कहानी | Garib Kisan Banaa Karodpati Prernadayak Kahani
गरीब किसान बना करोड़पति  प्रेरणादायक कहानी | Garib Kisan Banaa Karodpati Prernadayak Kahani

नींबू खा करके स्वस्थ हो जाएगी अब वह महात्मा जी सोनू से पूछते हैं बेटा इस टोकरी में क्या ले जा रहे हो सोनू कहता है इस टोकरी में मेंढक हैं, बाबा जी कहते हैं यही सही मेंढक ही सही अब सोनू आगे निकल जाता है और धनीराम के घर पहुंच जाता है धनीराम पूछते हैं कि बेटा तुम कौन हो सोनू अपना परिचय देता है और बोलता है मैं नींबू लेकर के आया हूं और यह अपनी बेटी को खिलाओ इससे व स्वस्थ हो जाएगी लेकिन याद रहे अगर स्वस्थ हो गई तो आपकी बेटी से शादी मैं करूंगा और आपको अपना आधी संपत्ति हमारे नाम करनी होगी धनीराम कहते हैं ऐसा ही होगा पहले हमारी बेटी स्वस्थ हो जाए जैसे ही सोनू टोकरी खोलता है नींबू निकालने के लिए उसमें देखता है केवल मेंढक मेंढक है, नींबू उसमें है, ही नहीं अब धनीराम देखते हैं वह टोकरी में केवल मेंढक लेकर आया है धनीराम बहुत गुस्से में आ जाते हैं और दरबान को बुलाकर के सिक्योरिटी गार्ड को उस सोनू को बाहर निकाल देते हैं महल से अब सोनू अपने घर जाता है और पिताजी को सारी कहानी बताता है उसके पिताजी बहुत नाराज होते हैं और कहते हैं एक छोटा सा काम तो नहीं कर सका अब तो मोनू का ही भरोसा है क्योंकि यह मौका में खोना नहीं चाहता अगर यह मौका खो दिया हमने तो सारी जिंदगी हमें खेती करनी पड़ेगी गरीबी में रहना पड़ेगा वह किसान अपने बेटे मोनू से कहता है बेटा तुम चले जाओ यह नींबू लेकर के राजा के पास उसकी बेटी को खिलाओ अगर वह स्वस्थ हो गई तो तुम्हारी शादी धनीराम की लड़की से हो जाएगी और धनीराम अपनी संपत्ति का आधा हिस्सा तुम्हारे नाम कर देगा और हम इस राज्य के धनी व्यक्ति हो जाएंगे लेकिन ध्यान रहे इस सोनू की तरह तुम्हें रास्ते में किसी से बात नहीं करनी है लेकिन मोनू साफ दिल का एक अच्छा लड़का था वह नींबू लेकर चल दिया रास्ते में फिर से वही महात्मा जी मिले महात्मा जी ने मोनू से कहा बेटा इस टोकरी में क्या लिए हो तब मोनू ने उस महात्मा जी से कहा महात्मा जी मैं इस टोकरी में नींबू लिया हूं हमारे राज्य के सबसे बड़े धनी व्यक्ति धनीराम की लड़की स्वस्थ नहीं हो रही है मैं यह नींबू उन्हीं की लड़की के लिए ले कर जा रहा हूं यह नींबू खा कर के वह स्वस्थ हो  जाएंगी इसीलिए मैं ले कर जा रहा हूं महात्मा जी ने कहा ठीक है अगर इसमें नींबू है तो वह अवश्य ही वह लड़की ठीक होगी स्वस्थ हो जाएगी महात्मा जी आगे बढ़ गए और मोनू भी आगे बढ़ते हुए धनीराम के घर पहुंच गया धनीराम के घर जैसे ही वह पहुंचा गेट पर था बंगले के तभी सिक्योरिटी गार्ड ने मोनू को रोक लिया कहा इस टोकरी में क्या है मेंढक भर के लाया है मोनू ने कहा नहीं इसमें नींबू है लेकिन सिक्योरिटी गार्ड ने कहा कि मैं मान ही नहीं सकता इसमें नींबू है तुम्हारे ही जैसा एक लड़का कल आया था और पूरी टोकरी मेढ़क से भरी हुई थी हमारे मालिक बहुत परेशान हो गए थे और उन्हें हार्ड अटैक भी आ सकता था यह देख कर के तब सोनू ने कहा नहीं मैं सच बोल रहा हूं इसमें नींबू ही है तब सिक्योरिटी गार्ड ने कहा ठीक है अगर इसमें नींबू नहीं होंगे तो तुम्हें पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा सिक्योरिटी गार्ड मोनू को अंदर लेकर के गए धनीराम के पास धनीराम से मोनू ने कहा मैं नींबू लेकर के आया हूं आपकी बेटी इस नींबू को खा कर के स्वस्थ हो जाएगी  धनीराम कहते हैं ठीक है मोनू एक नींबू टोकरी से निकाल कर के देता है धनीराम को और धनीराम उस नींबू को काट कर के अपनी बेटी को खिलाते हैं कुछ ही देर में वहां लड़की स्वस्थ हो जाती है बिल्कुल ठीक हो जाती है  इस समय धनीराम के खुशी का कोई ठिकाना नहीं  रहता है और धनीराम उस लड़के के पास मोनू के पास आते हैं और उसे गले से लगा लेते हैं और कहते हैं कि आज से तुम हमारी संपत्ति के आधे हिस्सेदार हो और मैं पंडित जी को बुला करके तुम दोनों की जल्द से जल्द शादी करवा दूंगा धनीराम की बेटी और उस किसान के बेटे मोनू की शादी हो जाती है और दोनों अच्छे से खुशहाल रहने लगते हैं तो दोस्तों इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है हमें आप कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर दीजिएगा और मैं बताना चाहूंगा कि यह कहानी लिखने का हमारा उद्देश्य क्या था हमारा एक ही उद्देश्य था कि आप सही बोलो सच बोलो सच हमेशा आपके जीवन में अच्छाई ले करके आता है सकारात्मक विचार लेकर के आता है और खुशहाली लेकर के आता है और झूठ खुशहाली जरूर ले करके आता है लेकिन वह ज्यादा समय के लिए नहीं होता है और सच खुशहाली देर में ले करके आता है लेकिन वह हमेशा के लिए आपके जीवन में रहता है तो मैं उम्मीद करता हूं या कहानी आपको अच्छी लगी होगी अगर अच्छी लगी है तो इस कहानी को लाइक कर दें और अपने दोस्तों में इसे व्हाट्सएप फेसबुक जहां भी आप शेयर करना चाहते हैं शेयर कर दीजिए और ऐसी ही कहानियां और भी पढ़ने के लिए हमें फॉलो करें तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी कहानी के साथ ।

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