यह बात 2003 की है जब मैं छोटा था मुझे स्कूल में पढ़ाया जाता था कि महान लोग थे महान लोगों ने महान काम किए जब बच्चे छोटे होते हैं तब उनके दिमाग में बहुत सारे सवाल होते हैं मेरे भी दिमाग में एक सवाल था कि जो महान लोग थे वह महान कैसे बने गर्मियों की छुट्टी हुई तो मैं अपने नाना के घर चला गया नाना जी के घर जाते ही मैंने नाना जी से पूछा नाना जी महान लोग कैसे होते हैं उन्होंने क्या काम किया जिससे वह महान बन गए नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा बेटा कल हम बाजार चलेंगे और वहां से दो पौधे ले करके आएंगे
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| छोटे बच्चे का विचार महान लोग कैसे बनते हैं | Mahan Log Kaise Bante Hain |
नाना जी कल बाजार गए और मुझे भी ले गए वहां से 2 पौधे लेकर के आए उन दोनों पौधों को मुझसे लगाने के लिए कहा उन्होंने एक पौधा आंगन में लगवाया और एक घर के बाहर नाना जी ने मुझसे पूछा बेटा तुम बताओ कौन सा पेड़ सबसे पहले बड़ा होगा मैंने कहा जो आंगन में पेड़ लगा है वह सबसे पहले बड़ा होगा क्योंकि इसे नहीं ज्यादा धूप लगेगी और ना ही इसे बारिश का सामना करें करना पड़ेगा और ना ही इसे तूफान का सामना करना पड़ेगा इसे कोई परेशानी नहीं होगी तो सबसे पहले यही बड़ा होगा नानाजी ने कहा ठीक है देखते हैं मेरी छुट्टी खत्म हो चुकी थी और मैं अपने घर वापस आ चुका था
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| छोटे बच्चे का विचार महान लोग कैसे बनते हैं | Mahan Log Kaise Bante Hain |
अगले साल गर्मियों की छुट्टी हुई और मैं नाना के घर गया मैंने नाना जी से पूछा कि नाना जी कौन सा पौधा बड़ा हुआ नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा बेटा जा कर देख लो मैं जल्दी से आंगन में जो पौधा लगाया था वहां जाकर हमने देखा तो पौधा काफी बड़ा हो चुका था फिर मैंने नाना जी के पास आया और मैंने कहा नाना जी मैंने कहा था ना कि जो आंगन में पौधा लगा है वही बड़ा होगा क्योंकि ना उसे धूप लगेगी और ना ही उसे तूफान का सामना करना पड़ेगा और ना ही उसे बारिश का सामना करना पड़ेगा उसे किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा तो इसलिए वहीं पड़ा हुआ मैंने आपसे कहा था नाना जी नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा कि बेटा एक बार जो हमने बाहर पौधा लगाया था उसे जा करके देख लो मै दौड़ता हुआ बाहर गया तो मैंने देखा वहां कोई पौधा नहीं था वहां पर एक विशाल पेड़ था मैं नाना जी के पास दौड़कर आया और मैंने कहा नाना जी यह चमत्कार कैसे हुआ नाना जी ने मुस्कुराते हुए कहा बेटा महान लोग ऐसे ही होते हैं इस पेड़ की तरह जो हर एक मुसीबत का सामना करते हैं और जिन्हें कोई परेशानी नहीं होती वह महान कभी नहीं बनते हमेशा महान लोग हर एक मुसीबत का सामना करते हैं
इस पेड़ की तरह जैसे इस पेड़ ने बारिश भी सही धूप भी सही और तूफान से भी सामना किया इसलिए यह अपने आप में मजबूती को तलाशा गया और एक मजबूत पेड़ बन गया और विशाल पेड़ के रूप में आज आपके सामने हैं इसी तरह महान लोग भी होते हैं वह हर एक मुसीबत का सामना करते हुए आगे बढ़ते रहते हैं तो दोस्तों इस छोटी सी कहानी से आपको क्या समझ में आया क्या शिक्षा मिली हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताइएगा और यह छोटी सी कहानी अगर आपको अच्छी लगी हो तो इस आर्टिकल को लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में से व्हाट्सएप फेसबुक जहां जी आप शेयर करना चाहते हैं शेयर कर दीजिए और हमारे प्रयास का हिस्सा बने तो मिलते हैं ऐसी ही अगली कहानी के साथ


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