एक छोटे से गांव में मीना नाम की एक औरत रहती थी मीना के पति का 2 साल पहले देहांत हो गया था अब घर की सारी जिम्मेदारी मीना पर आ गई थी मीना सभी के घरों में जाकर के काम करती बर्तन धोने का खाना बनाने का और उसका जो छोटा बच्चा था मोहन वह भी अपनी मां के साथ जाता और मोहन घर के बाहर बैठ करके पेपर पढ़ता और मीना घर में खाना बनाती बर्तन धोती घर का जो भी काम रहता था मीना करती थी एक बार हुआ ऐसा की घर की मालकिन बहुत गुस्से में थी और घर से पता नहीं क्या बोलते हुए बाहर निकली और मोहन को कुर्सी पर बैठा देख अखबार पढ़ते हुए उसको और गुस्सा आ गया मालकिन ने मोहन से कहा सुबह सुबह आकर अखबार पढ़ने लगता है क्या तू कलेक्टर बनेगा तो मोहन ने जवाब दिया मैं किताबें नहीं खरीद सकता,
![]() |
| गरीब की उड़ान प्रेरणादायक कहानी | Garib Ki Udan Prernadayak Story |
इतने मेरे पास पैसे नहीं है इसलिए मैं जानकारी के लिए अखबार पढ़ता हूं तो उस औरत ने कहा तू अखबार पढ़ने से कभी भी कलेक्टर नहीं बन पाएगा और यह बात मीना को बहुत बुरी लगी मीरा ने उसी वक्त सोच लिया था कि मैं अपने बच्चे को स्कूल में एडमिशन दिला दूंगी और उसे मैं पढ़ऊंगी अच्छे से फिर होना क्या था मीना ने घरों में काम करना बंद कर दिया और मीना एक होटल में काम करने लगी उस होटल में मीना रोटियां बनाने का काम करती और मोहन का एडमिशन एक अच्छे स्कूल में करवा दिया मीना जितना भी पैसा कमाती उतना पैसा मोहन की पढ़ाई में लग जाते मोहन 4 साल से लगातार स्कूल में सबसे ज्यादा नंबर लेकर आ रहा था यह देखकर उस स्कूल के हेडमास्टर बहुत खुश हुए और उन्होंने मोहन से कहा मोहन तुम दिल्ली चले जाओ वहाँ मैं तुम्हारा एडमिशन करा देता हूं और तुम्हारी पढ़ाई का सारा खर्चा मैं दूंगा मोहन दिल्ली चला गया और वहां पढ़ने लगा आज मोहन 22 वर्ष का हो गया है और वह एग्जाम देने जा रहा था तभी एक गाड़ी से उसका एक्सीडेंट हो जाता है और उसके बाए हाथ में काफी चोट लग जाती है मोहन सोचने लगता है हॉस्पिटल जाऊं या कॉलेज जाऊं अगर हॉस्पिटल जाऊंगा तो मेरा पूरा साल बर्बाद हो जाएगा जो हमने पढ़ाई किया है और अगर हॉस्पिटल नहीं जाऊंगा इलाज के लिए तो यह जख्म गहरा हो जाएगा मोहन ने बहुत सोच विचार करके अपने शरीर को देखा उसने कहा बाएं हाथ में चोट लगी है हमें तो दाहिने हाथ से लिखना है इसके लिए मोहन हॉस्पिटल ना जा करके कॉलेज चला गया एग्जाम देने के लिए,
![]() |
| गरीब की उड़ान प्रेरणादायक कहानी | Garib Ki Udan Prernadayak Story |
कॉलेज में गया एग्जाम दिया और वह पास हो गया हाई नंबर से फर्स्ट डिवीजन और वह अपने गांव वापस आ गया कुछ दिनों बाद रिजल्ट देखने के लिए उसकी मां मीना अखबार लेकर के आई उसने मोहन को दिया और कहा बेटा यह मैं अखबार ले करके आई हूं देख क्या लिखा है मोहन देखते ही खुश हो जाता है और अपनी मां से कहता है मां मेरी कलेक्टर की नौकरी लग गई है और मैं कल से ड्यूटी जॉइन कर लूंगा मां बहुत खुश हो जाती है दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं इस कहानी से आपको कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिला होगा दोस्तों इस कहानी से आपको जो शिक्षा मिली है मैं उम्मीद करता हूं आप अपनी लाइफ में उससे आगे बढ़ने की सोचेंगे दोस्तों जब भी आपके पास कठिनाइयां हो परिस्थितियां अलग हो तो उन से लड़ना चाहिए ना कि उनसे भागना चाहिए आपको हमेशा मेहनत करते रहना चाहिए तभी आपको सफलता मिलेगी और हां दोस्तों ऐसे ही मोटिवेशनल कहानियां पढ़ने के लिए हमें फॉलो जरूर कीजिएगा और इस कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों में शेयर कीजिए और हमारे प्रयास का हिस्सा बनिए


एक टिप्पणी भेजें