दो पत्थरों की प्रेरणादायक कहानी | Do Pathar Ki Prernadayak Kahani

  एक बार की बात है जंगल में एक बड़ी सी झील थी झील के किनारे दो पत्थर पड़े थे  उन दोनों पत्थरों में काफी अंतर था उन दोनों में एक पत्थर खुरदुरा था और एक एकदम चमकीला चिकना था खुरदुरा पत्थर ने चिकने पत्थर से कहा तुम कितने खूबसूरत हो और लोग तुम्हें कितना प्यार करते होंगे और मैं इतना खुरदुरा बेकार था देखने वाला मुझे कोई प्यार नहीं करता फिर खुरदरे पत्थर ने चिकने पत्थर से उसकी खूबसूरती का राज पूछा खुरदुरे ने पत्थर ने चिकने पत्थर से कहा कि तुम्हारी खूबसूरती का राज क्या है

दो पत्थरों की प्रेरणादायक कहानी | Do Pathar Ki Prernadayak Kahani
 दो पत्थरों की प्रेरणादायक कहानी | Do Pathar Ki Prernadayak Kahani

मुझे भी बता दो तो उस चिकने पत्थर ने खुरदुरे पत्थर से कहा हमारी खूबसूरती का कोई राज नहीं है यह हमारी मेहनत है यह एक बहुत बड़ी लंबी कहानी है मैं तुम्हें बताता हूं मैं काफी दिनों पहले चट्टान से जब टूटा तो मैं गिरते गिरते गिरते गिरते गिरते-पड़ते गिरते पड़ते इतना चिकना हुआ हूं कितनी बार मैंने चोट खाया हूँ और तुमने वह चोटे नहीं खाई इसलिए तुम चिकने नहीं हो खुरदरे रहे हो यही बातें दोनों पत्थरों में हो रही थी तभी वहां एक शिल्पकार आ गया जो पत्थरों को ले जाकर मूर्तियां बनाता था और वह मूर्तिकार ने उन दोनों पत्थरों को उठा करके चला गया उसने सोचा चल करके इस की मूर्ति बनाएंगे क्योंकि वह दोनों पत्थर काफी बड़े थे और अच्छे क्वालिटी के दिख रहे थे इसलिए उस मूर्तिकार ने उस पत्थर को उठाया और अपने साथ ले कर अपने गांव चला गया जब उस मूर्तिकार ने खुरदरे पत्थर पर मूर्ति बनाने के लिए छीनी हथौड़ी से चोट करना चालू किया तब उस पत्थर से आवाज आई मुझे मत मारो छोड़ दो मुझे दर्द होता है फिर मूर्तिकार ने उस पत्थर से कहा अभी आपको बहुत दर्द हो रहा है लेकिन आगे चल कर आप को बहुत खुशी अनुभव होगी लेकिन उस पत्थर ने नहीं माना उस पत्थर ने कहा हमें खुशी की कोई जरूरत नहीं है जैसा हूं मैं वैसा ही बहुत खुश हूं तो फिर मूर्तिकार ने उस पत्थर को छोड़ दिया और जो दूसरा चिकना पत्थर था उस पत्थर को उठाया और उस पर मूर्ति बनाने का प्रोग्राम चालू कर दिया जो चिकना पत्थर था वह कुछ नहीं बोला और मूर्तिकार चीनी हथौड़े की चोट मारने लगा उस पर मूर्तिकार ने देखा यह पत्थर कुछ नहीं बोल रहा है तो मूर्तिकार ने उस पत्थर से कहा क्या तुम्हें चोट नहीं लगती तो उस पत्थर ने कहा आज अभी मुझे चोट लगेगी तो बाद में मुझे काफी आराम होगा मैं बहुत खुशहाल रहूंगा इसलिए मैं यह चोट सह रहा हूं और देखते ही देखते वह पत्थर एक मूर्ति में तब्दील हो गया कुछ दिनों बाद गांव के कुछ लोग आए और उन्हें किसी मंदिर में मूर्ति की स्थापना करनी थी तो मूर्तिकार के पास लोग आए और मूर्तिकार से कहने लगे हमें एक मूर्ति की जरूरत है हमें स्थापना करनी है मूर्ति की मूर्तिकार ने उस मूर्ति को दिखाया जो अभी-अभी उसने बनाया था उस चिकने पत्थर का मूर्ति सभी लोगों ने उस मूर्ति को लिया और जाने लगे तभी किसी ने कहा जब इस मूर्ति की हम लोग स्थापना करेंगे मंदिर में तब जो इस मूर्ति के लिए चढ़ावा आएगा भगवान के लिए चढ़ावा आएगा तो उस चढ़ावे को नारियल को तोड़ने के लिए कोई पत्थर तो चाहिए तभी किसी की नजर उस पत्थर पर गई जो पत्थर मूर्ति बनने से इंकार कर दिया था मूर्तिकार से उस व्यक्ति ने कहा कि या पत्थर अगर आपके किसी काम का नहीं है तो हमें दे दीजिए हम मंदिर के बाहर रख देंगे जब चढ़ावा आएगा नारियल का तो लोग इस पर फोड़ेंगे मूर्तिकार ने कहा यह पत्थर तो मेरे कोई काम का नहीं है आप ले जा सकते हैं सभी लोग उस पत्थर को  लेकर चले गए और उसे मंदिर के बाहर रख दिए मंदिर में कोई चढ़ावा आता नारियल वगैरह तब उस पत्थर पर लोग फोड़ते और जो फूल रहता उस मूर्ति पर चढ़ाते जो चिकना पत्थर मूर्ति में तब्दील हो गया था और वह जो खुरदुरा पत्थर था वह अपने आप को कोसता रहता कि काश उस समय मै मूर्ति बन गया होता तो यह कष्ट हमें आज जो हो रहा है यह हमें नहीं होता दोस्तों आपकी जिंदगी में भी ऐसा ही होता है जब आपको मेहनत करने की काम करने की जरूरत रहती है तब आप काम नहीं करते हो और समय निकल जाता है और आप पूरा जीवन कष्टदायक बना लेते हो पूरा जीवन आपका कष्ट में भेजता है दुख में बिकता है क्योंकि जब सुख का काम करना था जिस काम को करने से आपको सुख प्राप्त होना था वह काम आपने किया ही नहीं तो दोस्तों उम्मीद करता हूं इस कहानी से आपको कुछ सीखने को मिला होगा अगर सीखने को मिला है तो इस कहानी को लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में व्हाट्सएप फेसबुक पर जहां भी आप शेयर करना चाहते शेयर कीजिए और हां दोस्तों अंत में मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि जो भी कुछ सीखने को मिले हमें सीख लेना चाहिए हमें आगे जीवन में काम आने वाली बातें हैं यह सब और समय पर जो काम आपको करना चाहिए उसे जरूर करना चाहिए समय की मांग बहुत जरूरी है अगर आज जिस काम को करना है वह आज ही करिए कल नहीं क्योंकि कल किसी ने नहीं देखा है और हां दोस्तों ऐसी कहानियां और भी पढ़ने के लिए हमें फॉलो जरूर कीजिएगा

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