किसानों का एक छोटा सा गांव था उस गांव में बहुत ढेर सारे किसान रहते थे खेती बाड़ी का काम करते थे सब्जियां उगाते थे भिंडी तरोई गोभी बहुत सारी सब्जियों उगाया करते थे सभी किसान सब्जियों को मंडी में लेकर के जाते थे जहां पर सब्जियां बेची जाती हैं सभी को अच्छा मुनाफा होता था सब लोग खुश थे और उसी गांव में मोहन नाम का एक किसान रहता था उसके पास ज्यादा खेत तो नहीं थे लेकिन उसके पास 3 बीघा खेत था कुछ में वह खाने के लिए गेहूं लगा देता था और जो थोड़ा खेत बसता था उसमें वह गोभी लगा देता था सभी किसान मंडी में गोभी बेचने जाते थे
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| एक गरीब किसान की प्रेरणादायक कहानी | Ek Garib Kisan Ki Motivational Kahani |
अपने अपने खेतों का और जो मोहन था वह मंडी में नहीं जाता था क्योंकि मंडी में ज्यादा पैसे नहीं मिलते हैं आप लोगों को भी शायद पता होगा और मोहन जो किसान था वह अपनी गोभी को लेकर के गांव मोहल्ले शहर में जाता था वहां पर घर-घर व गोपियां दे करके आ जाता था उसके कस्टमर भी फिक्स हो गए थे उसी से सब्जी लेते थे जब बाकी सारे किसानों ने देखा मोहन काफी दिनों से हम लोगों के साथ मंडी नहीं आ रहा है आखिर वह अपनी गोभी लेकर कहां जाता है सभी किसानों ने दिमाग लगाया और 1 दिन मोहन से पूछा कि मोहन तू मंडी में तो आता नहीं है तो अपनी गोपी कहां लेकर के जाता है तो उसने बताया कि मैं बस्ती में लेकर के जाता हूं शहरों में वहां पर मैं घर-घर गोसिया दे देता हूं कुछ किसानों ने कहा बहुत अच्छा है आखिर मंडी में पैसा मिलता है वहां पर तू पहुंचा रहा है तो एक अच्छा काम कर रहा है तो कुछ किसानों ने कहा कि वह लोग अच्छे पैसे नहीं देते होंगे तो फिर मोहन ने कहा तुमने मंडी में कितने रुपए का एक फूलगोभी बेचा तो एक किसान ने कहा कि एक फूल ₹5 रुपये का
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तो फिर मोहन ने बताया कि मैं एक फूल ₹10 रुपये का भेजता हूं फिर कुछ किसानों ने कहा आपकी मर्जी आप बेच रहे हैं लेकिन हमसे यह नहीं हो पाएगा हम किसी के घर जाकर के नहीं दे पाएंगे हमें बहुत शर्म आएगी सारे किसान चले गए लेकिन मोहन अपना काम करता रहा क्योंकि उसके पास ज्यादा खेत नहीं था इसलिए वह घर-घर ले जाकर के सब्जियां देता था और अच्छे पैसे कमाता था बाकी किसानों के पास ज्यादा जमीन था तो लोग मंडी में सब्जियां ले जाते थे दोस्तों इस छोटी सी कहानी के माध्यम से मैं आप सभी को समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि कोई भी काम छोटा बड़ा नहीं होता है समय के हिसाब से जो भी काम मिले उसे कर लेना चाहिए अपना काम चलना चाहिए बस अपनी जरूरत की चीजें मिलनी चाहिए और जो भी मेहनत से कमाया जाता है वह बहुत ही अच्छा होता है उसी में हमें सुकून मिलता है तो दोस्तों उम्मीद करता हूं आप लोग भी कोई भी काम करने में सर नहीं करेंगे और अंत में मैं बस इतना ही कहूंगा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता है बस अपना-अपना देखने का नजरिया होता है दोस्तों अगर यह आर्टिकल आपको अच्छा लगा हो तो इसे लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में शेयर जरूर कीजिएगा और ऐसे ही कहानियां आगे भी पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो जरूर करें ।


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