किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है कि दिमाग लगाओगे तो किस्मत भी साथ देगी क्या आप इस बात से सहमत हैं अगर सहमत हैं तो कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमें जरूर बताइएगा एक छोटी सी कहानी मै लेकर के आया हूं उस के माध्यम से मैं इस बात को आप को समझाने की पूरी पूरी कोशिश करता हूं एक छोटे से गांव में एक व्यापारी रहता था जो भेड़ पालता था उसके पास 100 से 200 भेड़ रहती थी उसने एक बंदा रखा था जो उसे चारा देता था बाहर उन्हें चारा खिलाने के लिए घूमने टहलने के लिए ले जाता था और वह खुद भी रहते थे कभी कभी वह नहीं जाते थे वह बंदा अकेला ही जाता था
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| दिमाग लगाओगे तो किस्मत भी साथ देगी | Dimag Lagao Ge To Kismat Bhi Sath Degi |
सारा काम वो जो बंदा उसने रखा था काम पर पूरा काम हैंडल कर लेता था 1 दिन ऐसा हुआ कि एक भेड़ का रस्सी कहीं गायब हो गया था उसने बहुत ढूंढा लेकिन वह मिला नहीं सभी भेड़ों को उसने बांध दिया एक भेड़ बच गया था वह भी आकर के वहां खड़ा था इधर उधर घूम रहा था वह बंदा दौड़ा-दौड़ा आया मालिक के पास कहां मालिक एक भेड़ का रस्सी नहीं मिल रहा है उसे कैसे बांधे मालिक परेशान हो गया उसने कहा रस्सी तूने कहां गायब कर दिया अब बिना रस्सी के भेड़ कैसे बांधेगे वह बंदा परेशान हो गया उसने रस्सी को बहुत ढूंढा फिर से दोबारा मेहनत किया लेकिन रस्सी नहीं मिला फिर से मालिक के पास आया मालिक से कहा कि रस्सी नहीं मिला मालिक ने कहा कोई बात नहीं रस्सी नहीं मिला तुम भेड़ के पास जाओ और उसके सर के आगे जैसा हम रस्सी बांध ते हैं उसी तरह उसके गले में वैसा अपने हाथ को दो बार घूमाओ और घुमाने के बाद जैसा रस्सी से बांधते वैसे बांध दो और वह कहीं नहीं जाएगा उसने वैसा ही किया भाग-भाग गया भेड़ के गले में दो बार हाथ घुमाया और खुटे से बांध दिया सुबह हो गई सभी भेंड़ को खोल दिया उसने लेकिन जिस भीड़ को उसने नहीं बांधा था ऐसा हाथ घुमा कर छोड़ दिया था वह वहीं खड़ा था कहीं नहीं जा रहा था वह दौड़ कर के मालिक के पास आया उसने कहा मालिक जिस भेंड़ को आपने शाम को कहा था ना कि उसके सर के ऊपर हाथ घुमा कर बांध देना मैंने उसको बांध दिया था वह कहीं जा नहीं रहा है मालिक ने कहा उसको खोला कि नहीं खुटे से उस बंदे ने कहा नहीं मालिक ने कहा उसे खोल तो पहले जब उसे खोलेगा नहीं तो जाएगा कैसे फिर वो आ गया दो बार सर के ऊपर हाथ घुमाया और खुटे से खोल दिया वह भेद चला गया दोस्तों इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से आप जरूर बताइएगा अंत में मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा कि जब कर्म करोगे तो ही फल मिलेगा किस्मत के भरोसे कुछ मिलने वाला नहीं है जब कुछ काम करोगे तो किस्मत भी साथ देगी जब कुछ काम ही नहीं करोगे तो किस्मत कहां से साथ देगी आप किस्मत के भरोसे बैठे मत रहिए आप कुछ ना कुछ करते रहिए आप जिस भी फील्ड में आप काम करना चाहते हैं अपनी मंजिल तक पहुंचना चाहते हैं तो आप जब तक कोई कर्म नहीं करेंगे तब तक आप वहां तक नहीं पहुंच सकते हैं यदि किस्मत के भरोसे सब कुछ होने लगता तो आपको कुछ करने की जरूरत ही नहीं होती दोस्तों में उम्मीद करता हूं यह आर्टिकल आप लोगों को अच्छा लगा होगा तो इस आर्टिकल को लाइक कीजिए और अपने दोस्तों में इसे व्हाट्सएप फेसबुक टि्वटर के माध्यम से शेयर कीजिए और हमें फॉलो करना बिल्कुल भी ना भूलयेगा तो मिलते किसी नेक्स्ट कहानी के साथ

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