एक छोटा सा गांव था उस गांव में मंजीत नाम का एक लड़का रहता था उसके माता-पिता खेती बाड़ी का काम करते थे ज्यादा खेती तो नहीं थी लेकिन अच्छा खासा उनका घर चल जाता था मनजीत के चार भाई थे मनजीत सबसे छोटा था मनजीत के जो तीन भाई थे वह हाई स्कूल पढ़ाई किए थे और पढ़ाई करने के बाद कोई दिल्ली चले गए कोई लुधियाना चले गए और एक भाई घर पर ही रहकर राजगिरी का काम सीख लिया और सभी भाइयों की शादी हो गई थी सभी अच्छे से अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे रवि छोटा था तो वह पढ़ाई करता था ।
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| जोरू का गुलाम | Joru Ka Ghulam Ek Kahani |
उसने भी हाई स्कूल क्लियर किया मनजीत का पढ़ाई पर मन नहीं लगता था लेकिन कैसे भी करके हाई स्कूल उसने क्लियर कर लिया उसके बाद उसकी शादी आने लगी गांव देहात में लोग शादी के लिए रिश्ते लेकर आते हैं उसी तरह मनजीत के भी रिश्ते आने लगे कई लड़कियों को देखने गया तो कई लड़कियों को मनजीत ने रिजेक्ट कर दिया और कई लड़कियों ने मनजीत को रिजेक्ट कर दिया लास्ट में मंजीत एक लड़की को सिलेक्ट किया और उसे पसंद आ गई लड़की भी मनजीत को पसंद कर ली
मनजीत की शादी हो गई उसका जीवन अच्छे से चल रहा था वह कोई काम तो सीखा नहीं था कि ज्यादा पैसे कमा सके और वह कई बार बाहर भी गया लुधियाना दिल्ली तो वहां भी ओ सक्सेस नहीं हुआ कि कोई काम सीखा नहीं था तो वहां भी उसे कोई छोटा मोटा ही काम मिलता था उसमें ज्यादा पगार नहीं होता था वह वापस अपने गांव आ जाता था कई बार ऐसा हुआ उसके बाद वह गांव में ही रहने लगा
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मनजीत के शादी के 4 साल बीत चुके थे और उसके दो बच्चे हो चुके थे अब उनका खर्चा भी बढ़ चुका था ऊपर से शादी होने के बाद बीवी के नखरे भी होते हैं उसे भी वह झेल रहा था परिवार अच्छा चल रहा था लेकिन वह खुश नहीं था उसकी वाइफ भी खुश नहीं थी उसे भी जरूरत की चीजें समय पर नहीं मिल पाती थी क्योंकि उसके पास इतने पैसे नहीं होते थे उसने सोचा क्यों ना मैं कोई काम सीख लेता हूं पैसा तभी कमा सकते हैं मनजीत ने सोचा क्यों ना मैं सिलाई सीख लेता हूं ।
मंजिल का एक दोस्त मुंबई में सिलाई करता था वह उसके पास सिलाई सीखने के लिए चला गया मनजीत ने करीब 4 महीने तक उसके साथ में सिलाई सिखा उसके बाद जब वह सिलाई सीख चुका था और उसके दोस्त ने उसको अलग काम करने के लिए बिठा दिया था एक मशीन पर वह 2 दिन काम किया उसके बाद उसके घर से फोन आया क्योंकि उसकी वाइफ प्रेग्नेंट थी ।
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वाइफ ने कहा इस हालत में तुम्हें मेरे पास होना चाहिए था और तुम मुंबई में हो मनजीत का दिल धड़कने लगा आखिर पत्नी अर्धांगिनी होती है इसीलिए उसका दिल धड़क उठता था उसे परेशान नहीं देखना चाहता था उसे हमेशा खुश देखना चाहता था ।
मनजीत ने अपनी वाइफ से कहा ठीक है मैं कोशिश करता हूं कि आज ही ट्रेन पकड़ कर घर आ जाता हूं उसके वाइफ ने का ठीक है और उसकी वाइफ बहुत खुश हो गई थी मनजीत ने अपने दोस्त से कहा मैं घर जाना चाहता हूं और मुझे कुछ घर के प्रॉब्लम से मेरी वाइफ बहुत प्रॉब्लम में है तो उसने प्रॉब्लम मनजीत से पूछा लेकिन उसने बताया नहीं उसने कहा मेरी वाइफ मुझे बुला रही है ।
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और मुझे जाना ही होगा क्योंकि मैं उससे बहुत प्यार करता हूं उसके दोस्त ने कहा अभी आप घर जाओगे तो सब कुछ भूल जाओगे कुछ महीने रहकर यहां काम अलग कर लो उसके बाद में कुछ पैसे भी हो जाएंगे और आप घर जाओगे तो आपके पास पैसे रहेंगे तो एक दो महीने वहां पर आप अच्छे से रह सके उसके बाद में फिर आप यहां पर आ जाना और आते जाते रहना और एक दो महीने में आपका हाथ भी क्लियर हो जाएगा
मनजीत हां तो बोल दिया लेकिन उसका दिल नहीं मान रहा था फिर मनजीत ने अपने दोस्त से कहा नहीं मुझे घर जाना ही होगा फिर उसके दोस्त ने कहा ठीक है मैं आपकी वाइफ से बात करना चाहता हूं उसके वाइफ से बात की और उसकी वाइफ ने उसके दोस्त से कहा नहीं मैं नहीं बुला रही हूं मंजिल खुद आना चाहता है मनजीत बोला नहीं मैं खुद नहीं आना चाहता हूं फिर वह शांत हो गया मनजीत ने 2 दिन काम किया फिर उसने कहा नहीं मुझे घर जाना ही चाहिए और मैं घर जाना चाहता हूं
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उसके दोस्त ने कहा ठीक है मनजीत तुम घर जाना चाहते हो तो जा सकते हो मैं तुम्हें रोकूंगा नहीं मनजीत अपने गांव वापस आ गया और यहीं पर एक छोटा सा काम कर लिया और आज भी वह यहीं पर है अभी तक वह मुंबई नहीं गया काश मुंबई में होता तो उसका जीवन लाइफ चेंज हो गया होता ।
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