चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए

 यदि आप सोचते हैं कि आपको सफलता मिल जाए और आपको मेहनत भी न करनी पड़े आपको कोई तकलीफ न झेलनी पड़े तो शायद आप कहीं ना कहीं गलत है आपको सफलता नहीं मिल सकती जब तक आप कड़ी मेहनत नहीं करेंगे

दोस्तों अगर आप सफल होना चाहते हैं तो आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी इसके साथ साथ आपको अपने अंदर की कला सहनशीलता को दर्शा ना होगा  दोस्तों मैं आपको एक कहानी के माध्यम से समझाने की पूरी कोशिश करता हूं मैं आपको एक कहानी सुनाता हूं ।

चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए
चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए


दोस्तों एक बार अशोक सम्राट को खुदाई के दौरान दो अद्भुत पत्थर मीले उन्होंने सोचा क्यों ना इन दोनों पत्थरों की भगवान  विष्णु की मूर्ति बनवाता हूं उन्होंने महामंत्री से कहा इन दोनों पत्रों की भगवान शिव की मूर्ति बनवा कर मंदिर में स्थापित करवा दो मंत्री ने मूर्तिकार को बुलाया मूर्तिकार ने जैसे ही पत्थर पर चीनी हथौड़े की मार उसे तोड़ने के लिए तोड़ना चाहा पत्थर के अंदर से आवाज आई मुझे मत मारो मुझे दर्द होता है मूर्तिकार ने कहा अभी दर्द होता है बाद में आपको बहुत आराम मिलेगा और आप को भगवान का दर्जा दिया जाएगा आपको भगवान विष्णु की मूर्ति के रूप में मंदिर में स्थापित कर दिया जाएगा और  आपकी रोज पूजा होगी 


 मूर्तिकार ने जैसे ही पत्थर पर चोट करना चालू किया पत्थर धीरे-धीरे रोते हुए बोला मुझे मत मारो मुझे दर्द होता है फिर से मूर्तिकार ने वही जवाब दिया पत्थर चुप हो गया कुछ देर बाद फिर से पत्थर रोने लगा बोल अब मुझे मत मारो छोड़ दो मुझ पर रहम करो मुझे दर्द हो रहा है मैं मूर्ति नहीं बनना चाहता हूं  जबरदस्ती मुझे मूर्ति क्यों बना रहे हैं मूर्तिकार ने कहा ठीक है मैं तुम्हें छोड़ देता हूं मूर्तिकार ने उस पत्थर को साइड में रख दिया उसने कहा यह मेरे कोई काम का नहीं है

चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए
चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए


मूर्तिकार ने दूसरे पत्थर को उठाया और उसने छीनी हथौड़ी की मार उसपर करना चालू कर दिया वह पत्थर कुछ नहीं बोला सारा दुख दर्द वह सहता गया और भगवान विष्णु की मूर्ति में धीरे-धीरे तब्दील हो गया मूर्तिकार ने कहा तुम्हें दर्द नहीं होता पत्थर ने कहा मुझे दर्द होता है लेकिन अभी मैं दर्द सह लूंगा तो बाद में उसे कभी दर्द नहीं होगा

चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए
चोट जरूरी है सफलता प्राप्त करने के लिए


महामंत्री और मंदिर के पुजारी दोनों साथ में आए मूर्तिकार के पास मूर्तिकार से मूर्ति लिए मंदिर में स्थापित करने के लिए और मंदिर के पुजारी ने कहा दूसरे पत्थर को यह पत्थर अगर आपके किसी काम का नहीं है तो हमें दे दो मंदिर के बाहर रख देंगे लोगों को नारियल फोड़ने के लिए जब भी वह चढ़ावा नारियल का चढ़ाएंगे तो इस पर इस पत्थर पर वह नारियल को फोड़ सकें


दोस्तों इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि हमें कोई भी कठिनाई हो उस कठिनाई को हमें पार करना है हमें कभी भी हार नहीं माननी है हमें हमेशा अपनी मंजिल की तरफ अग्रसर होना है भले हम दौड़ नहीं सकते लेकिन हमें धीरे धीरे चलना जरूर है हमें रुकना नहीं है दोस्तों इस कहानी से हमें यही शिक्षा मिलती है और हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताइएगा यह कहानी आपको कैसी लगी जिस पत्थर ने मना कर दिया था मूर्ति में तब्दील होने से वह पत्थर हमेशा सदियों से मंदिर के बाहर धूप बरसात को खेलता हुआ हमेशा मार खाता रहता है और जो पत्थर मूर्ति में तब्दील हो गया चीनी हथौड़ी की मार से वह उसकी आज पूजा होती है लोग उस पर फूल चढ़ाते हैं और उस पर दूध चढ़ाते हैं और जो बाहर पत्थर पड़ा है उस पर लोग लाकर नारियल फोड़ते हैं तो दोस्तों इस कहानी से मैं उम्मीद करता हूं आपने कुछ ना कुछ जरूर सीखा होगा अगर यह कहानी अच्छी लगी है तो इसे व्हाट्सएप फेसबुक पर लोगों में शेयर करें और हमारे प्रयास का हिस्सा बने और हमें फॉलो करना बिल्कुल भी ना भूलें

إرسال تعليق

Post a Comment (0)

أحدث أقدم