दोस्तों एक बार की बात है एक केवट अपने बेटे को नाव चलाना सिखा रहा था केवट ने अपने बेटे को नाव चलाना सिखा दिया बेटा अच्छे से नाव चलाने लगा लेकिन जब वह नाव लेकर के बीच नदी में पहुंचता तो उसे डर लगने लगता और वह नाव लेकर के वापस आ जाता पिताजी पूछते कि बेटा क्यों नाव लेकर वापस आ गया तो उसका एक ही जवाब रहता पिताजी यह मुझसे नहीं हो पाएगा मुझे डर लगने लगता है जब मैं नाव लेकर के बीच नदी में पहुंचता हूं।
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| एक केवट की दर्द भरी कहानी Ek kevat ki dard bhari kahani story in Hindi prernadayak |
काफी प्रयत्न किया कि हमारा बेटा इस डर को बाहर निकाल पाए लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ केवट को बहुत चिंता होने लगी कि हमारे बेटे का हमारे बाद क्या होगा वह अपनी जिंदगी कैसे व्यतीत करेगा गांव के बाहर थोड़ी दूर पर एक महात्मा जी रहा कहते थे केवट अपने बेटे को लेकर के महात्मा जी के पास गया और सारी समस्या महात्मा जी को केवट ने बताया महात्मा जी ने कहा कोई बात नहीं आपकी समस्या का समाधान हमारे पास है अपने बेटे को हमारे पास लेकर के आओ बेटा बाहर खड़ा था कुटिया के केवट गया अपने बेटे को महात्मा जी के पास लाया।
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बेटे ने महात्मा जी को प्रणाम किया महात्मा जी ने केवट के बेटे को कहा जब तुम नाव को नदी में लेकर के जाते हो तो तुम्हें कैसा लगता है केवट के बेटे ने कहा मुझे लगता है कि मैं उस पार नहीं जा पाऊंगा और मुझे बहुत डर लगता है इस बात से महात्मा जी ने कहा जितनी दूरी तुम तय कर के बीच धारा में पहुंचते हो और उतनी ही दूरी तय करके तुम वापस आ जाते हो अगर वापस आने के बजाय उतनी ही दूरी तुम आगे जाओगे तो नदी के उस पार चले जाओगे यह बात महात्मा जी की केवट के बेटे को समझ आ गई और उसके अंदर से डर निकल गया और उसके बाद केवट का बेटा नाव अच्छे से इस पार से उस पार ले जाने लगा।
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दोस्तों हमारे और आपके जीवन में भी ऐसा ही होता है जब हम कोई काम स्टार्ट करते हैं तो बीच में ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं जिससे हमें लगने लगता है कि यह काम मुझसे नहीं होगा घरवालों का ऊपर से टेंशन रहता है आपके अंदर एक डर आ जाता है और आपको लगने लगता है अगर मैं सफल नहीं हुआ तो हमारी जिंदगी बर्बाद हो जाएगी इसलिए आप पीछे हट जाते हैं।
लेकिन अगर आप पीछे ना हट करके जितनी दूरी तय किए थे उतनी ही दुरी और तय करते तो शायद आप सफल हो जाते आप लोगों की चिंता मत कीजिए लोगों का तो काम ही है बात का बतंगड़ बनाना दोस्तों यह कहानी कैसा लगा कमेंट बॉक्स में जरुर बताइएगा और इस कहानी को लाइक कीजिए और शेयर कीजिए और हमारे प्रयास का हिस्सा बनिए।



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