अतीत को भूलना आसान नहीं होता मोटिवेशनल स्टोरी | atit ko bhulna Aasan Nahin Hota motivational story

दोस्तों किसी ने बड़ी ही कमाल की बात कही है कि अतीत को भूलना आसान नहीं होता दोस्तों आज के इस आर्टिकल में मैं आप सभी लोगों को एक कहानी सुना रहा हूं इस कहानी के माध्यम से आप अपने अतीत को बुला सकते हैं दोस्तो एक बार की बात है एक छोटे से गांव में एक किसान रहता था किसान के दो बच्चे हुए किसान बहुत खुश हुआ और अपने दोनों बच्चों को एजुकेशन जलाया और उसके दोनों बच्चे बड़े हो गए किसान गरीब था और अपने बच्चों को ज्यादा पढ़ा नहीं सका लेकिन अपने दोनों बच्चों को वह अपना खेती बाड़ी का काम सिखा दिया उसके दोनों बच्चे अब किसान के साथ उसके खेतों में मेहनत करते और किसान भी खुश रहने लगा था क्योंकि उसके दोनों बच्चे अब उसके साथ खेतों में काम करते थे
अतीत को भूलना आसान नहीं होता मोटिवेशनल स्टोरी | atit ko bhulna Aasan Nahin Hota motivational story

1 दिन की बात है किसान के दोनों बच्चे खेत में थे और रात के 9:00 बज चुके थे दोनों बच्चे घर जा रहे थे 9:00 बजे रात को तभी रास्ते में उन दोनों बच्चों को एक पागल कुत्ते काट लिया और वह कुत्ता वहां से भाग गया और दोनों बच्चे गांव गए तो सभी लोगों ने बताया गांव के युवा एक पागल कुत्ता है आप जल्दी से जल्दी अपने बच्चे को डॉक्टर के पास ले कर के चाहिए किसान ने गांव वालों की बात मानी और अपने बच्चों को डॉक्टर के पास ले गया डॉक्टर इन द हवाई पट्टी किया और इंजेक्शन भी दिए उसके बाद डॉक्टर ने कहा घबराने की कोई बात नहीं है आप इन्हीं ले जा सकते हैं खतरे की कोई बात नहीं हमने इंजेक्शन दे दी है और दवाइयां देती है टाइम टाइम पर दवाई खिलाइए जल्दी ठीक हो जाएंगे दोनों बच्चे घर आ गए किसान का झोपड़ा बेटा था वह अपने काम में व्यस्त हो गया और जो छोटा बेटा था वह अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए चला गया छोटा बेटा अपने दोस्तों के साथ खेलने गया तो छोटे बेटे के दोस्तों ने उससे कहा तुझे कुत्ते ने काटा है कुत्ते के काटने से फैलता है पूरे शरीर में जहर फैल जाता है इसलिए अभी तुम हमारे साथ नहीं खेल सकते जब ठीक हो जाना तब खेलना और ध्यान रखना अपने गांव को हमेशा देखते रहना और दवाइयां लगाते रहना पाकिस्तान का छोटा बेटा अपने दोस्तों की बात मानकर के घर चला आया और वह अब केवल बिस्तर पर लेटा रहता और यही सोचता रहता कब मैं ठीक होगा कोई भी काम नहीं करता और वही उसका बड़ा बेटा वह जैसा पहले काम किया करता था वैसा ही वह काम करता और जो डॉक्टर ने दवाइयां बताई थी उसे समय-समय पर लेता रहता कुछ ही समय में बड़े बेटे का घाव ठीक हो गया वह पूरी तरह स्वस्थ हो गया लेकिन छोटा बेटा था वह अभी भी स्वस्थ नहीं हुआ उसका घाव अभी भी नहीं भरा क्योंकि उसके अंदर एक डर बैठ गया था वह अपने गांव को बार-बार देखता रहता था और उसके मन में एक ही बात चलती रहती थी कि मैं ठीक हूं लूंगा या नहीं या मेरा गांव कब ठीक होगा इसलिए वह अपने गांव को बार-बार देखता रहता था और उस घाव को चलाता रहता था इसलिए वह घाव ठीक नहीं हो रहा था कुछ ही दिनों में वह खाओ एक नासूर का रूप ले लिया तब किसान ने अपने छोटे बेटे को हॉस्पिटल में भर्ती कराया करीब एक महीने बाद वह घाव ठीक हुआ दोस्तों आपने यह तो सुना ही होगा यदि हम गांव को बार-बार क्रोध ने से वह नासूर बन जाता है इसी तरह अगर आप बार-बार अपने अतीत को अपने पास्ट को याद करते रहेंगे तो आप उसे कभी नहीं भूल पाएंगे आप अपने फ्यूचर को देखिए आप जो काम करना चाहते हैं उसमें आप अपना मन लगाइए आप अपने आपको बिजी कर लीजिए तो आप अपने आप फास्ट को भूल जाएंगे आपको पता भी नहीं चलेगा कि हमारा फास्ट क्या था आप उसे भूल जाएंगे हमेशा के लिए दोस्तों इस कहानी से आपको क्या सीखने को मिला आप हमें कमेंट बॉक्स में जरुर बताइएगा और हां दोस्तों ऐसे ही और भी अच्छी अच्छी कहानियां सुनने के लिए आप हमें फॉलो कर सकते हैं तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी मोटिवेशनल कहानियों के साथ ।

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