दोस्तों किसी ने बड़ी कमाल की बात कही है यदि आपको सफलता चाहिए तो कभी-कभी जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है दोस्तों ऐसी एक कहानी आप सभी लोगों के लिए लेकर के आया हूं अगर अच्छी लगे तो इसे लाइक कीजिएगा और शेयर कीजिएगा तो चलिए शुरू करते हैं दोस्तों एक छोटे से गांव में मोहन नाम का एक व्यक्ति रहता था उसने अपनी पढ़ाई कंप्लीट की उसके बाद वह जॉब के लिए फॉर्म अप्लाई करने लगा मोहन गरीब परिवार से था तो उसके पास ज्यादा पैसे नहीं थे किसी तरह उसने अपनी पढ़ाई कंप्लीट की थी,
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| जिंदगी दांव पर लगानी पड़ती है प्रेरणादायक कहानी | jindagi dava per lagani padati Hai prernadayak Kahani |
लेकिन अब वह रोज फॉर्म अप्लाई करता ट्रेनिंग में जाता है इंटरव्यू देता लेकिन उसे जॉब नहीं मिलता धीरे-धीरे समय बीतता गया मोहन लगातार इंटरव्यू देता गया 6 से 7 महीने हो चुके थे अब मोहन के पास पैसे भी खत्म हो चुके थे मोहन के माता-पिता भी किसान थे वो भी थक हार चुके थे वह अपने बेटे से कह रहे थे कि बेटा लगता है कि तुम्हारे नसीब में नौकरी नहीं है बहुत सारे पैसे खर्च हो गए और अब उतने पैसे नहीं बचे हैं कि तुम और छह-सात महीने जाकर के इंटरव्यू दो तब जाकर के तुम्हें नौकरी मिले अब तो लगता है तुम्हें भी हमारी तरह जीवन भर खेती ही करना पड़ेगा मोहन के पास 7 इंटरव्यू के जो पैसे बचे हुए थे वह उन पैसों से उसने इंटरव्यू में जाना शुरू कर दिया अब मोहन के पास लास्ट ₹100 बचे थे जिसमें उसे अगले दिन इंटरव्यू में जाना था और शर्ट धुली हुई थी उसे प्रेस भी कराना था उसे लग रहा था कि शायद मुझे पैसे कम पड़ जाएंगे मैं इंटरव्यू में नहीं पहुंच पाउंगा लेकिन मोहन ने सोचा जब मैंने अपने सारे इंटरव्यू किए हैं तो यह भी इंटरव्यू में कैसा नहीं कैसा करके यह इंटरव्यू भी मैं करूंगा हो सकता है इस इंटरव्यू में मेरी नौकरी लग जाए यह सोच कर सो जाता है मोहन सुबह सुबह उठ गया और मोहन ने सोचा आज मेरे पास पैसे बहुत कम है तो मैं सुबह जल्दी निकलता हूं घर से और इंटरव्यू में पैदल ही चला जाता हूं मोहन उस दिन इंटरव्यू के लिए पैदल ही गया मोहन इंटरव्यू में पहुंचने ही वाला था तभी उसका एक्सीडेंट हो जाता है और उसके हाथ से बहुत खून बह रहा होता है या देखकर के मोहन घबरा जाता है वह सोचने लगता है मैं हॉस्पिटल जाऊं या इंटरव्यू में, काफी सोचने के बाद मोहन सोचता है यह मेरा लास्ट इंटरव्यू है और इसके बाद मेरे पास पैसे भी नहीं है इंटरव्यू के लिए तो मैं हॉस्पिटल तो बाद में भी जा सकता हूं वह अपना शर्ट खोलता है और अपनी बनियान निकाल करके उससे अपने हाथ में बांध लेता है जहां पर खून बह रहा था और अपना शर्ट पहन कर के इंटरव्यू में चला जाता है वहां जाकर के मोहन इंटरव्यू देता है और उसका सिलेक्शन हो जाता है उसकी नौकरी लग जाती है अब मोहन अपने घर आते-आते रास्ते में ही वह गिर जाता है कई लोग उसे देखते हैं और उसे उठाकर के हॉस्पिटल पहुंचाते हैं मोहन की आंख खुलती है तो वह हॉस्पिटल में अपने आपको पता है तो दोस्तों यह कहानी आपको कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताइएगा इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि कभी-कभी हमें अपनी जिंदगी दांव पर लगा कर के ही हमें सफलता मिलती है
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अगर मोहन इंटरव्यू में ना जाकर के हॉस्पिटल चला जाता तो शायद उसे यह नौकरी भी नहीं मिलती और वह निराश हो कर के अपना पुराना काम उसके पिताजी करते हैं खेतीबाड़ी वही वह करने लगता दोस्तों आपकी जिंदगी में भी कभी ऐसी स्थिति आए तो आप उसी चीज का चयन करें जो आपको आपकी मंजिल तक ले करके जाए दोस्तों ये कहानी अच्छी लगी हो तो इस कहानी को लाइक कर दीजिए और अपने दोस्तों में से व्हाट्सएप फेसबुक पर जहां भी शेयर करना चाहते हैं शेयर कर दीजिए और हां दोस्तों ऐसी ही कहानी आगे भी पाने के लिए आप फॉलो कर लीजिए ताकि जब भी मैं आप सभी लोगों के लिए कहानी लेकर आऊँ तो आप तक पहुंच सके उसका नोटिफिकेशन तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी कहानी के साथ


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