यह बात 2008 की है मोहन अपनी पढ़ाई पूरा करने के लिए लखनऊ गया था मोहन के माता पिता ने मोहन को एक स्मार्टफोन खरीद करके दिया था इसमें फेसबुक व्हाट्सएप यूट्यूब चलता था, मोहन को व्हाट्सएप चलाना और फेसबुक चलाना बहुत अच्छा लगता था फेसबुक पर दोस्तों से चैटिंग करना उनसे बातें करना मोहन को बहुत अच्छा लगता था और काफी मजा आता था मोहन जब पढ़ाई से मोहन को समय मिलता है तो मोहन अपना सारा टाइम इन्हीं सब चीजों में इंजॉय करता था धीरे-धीरे समय बीतने लगा 1 दिन की बात है मोहन फेसबुक चला रहा था तभी मोहन को एक फ्रेंड रिक्वेस्ट आई वह फ्रेंड रिक्वेस्ट एक लड़की की थी।
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| फेशबुक वाली लव स्टोरी कॉलेज की मेरी दोस्त | Facebook Love Story |
एक दिन मोहन ने पूजा से कहा कि तुम मुझे कॉल करो मुझे लगता है तुम लड़की नहीं लड़का हो मैं तुम्हारी आवाज सुनना चाहता हूं पूजा ने कहा नहीं मैं लड़की हूं तुम मेरा यकीन करो और मैं अभी तुम्हें कॉल नहीं कर सकती मोहन जब भी अपने कॉलेज में जाता तब मोहन को एक लड़की उसे कभी-कभी देख करके मुस्कुराया करती थी मोहन को लग रहा था हो ना हो यही लड़की मुझे रोज व्हाट्सएप से बातें करती है लेकिन मोहन को यकीन नहीं हो रहा था मोहन के पास कोई प्रूफ नहीं था कि नहीं यही लड़की है।
मोहन उस लड़की से पूछ भी नहीं सकता था क्योंकि वह लड़की कभी मोहन से बात नहीं की थी हैरान कर देने वाली बात तो यह है कि उस लड़की का नाम भी पूजा था इसलिए मोहन को और ज्यादा उस लड़की पर डाउट हो रहा था 1 दिन की बात है जब मोहन की कॉलेज में पूजा नाम की लड़की पढ़ती थी वह 1 दिन मोहन के पास आई और कहने लगी क्या बात है तुम मुझे अजीब तरह से देखते हो क्यों, मोहन ने कहा नहीं ऐसी कोई बात नहीं है तुम बहुत सुंदर हो ना इसलिए तुम पर मेरी नजरें टिक जाती है।
इतना सुनते ही वह लड़की हंसती हुई मोहन के पास से चली गई शाम को मोहन को फिर से मैसेज आया और मोहन बात करने लगा मोहन ने वह सारी बातें बताई उस चैटिंग वाली पूजा नाम की लड़की को जो रोज मोहन से बातें करती थी मोहन ने बताया किस तरह आज उसकी कॉलेज में वह लड़की मोहन से बातें की और यह भी बताया कि उस लड़की का नाम भी पूछा है जो मेरे कॉलेज में पढ़ती है और वह मुझे देखकर कभी-कभी मुस्कुराती है मुझे नहीं पता कि वह क्यों ऐसा करती है कई दिनों बाद मोहन को एक कॉल आया सुबह के 9:00 बजे थे और उस कॉल पर एक लड़की बात कर रही थी।
वह मोहन से बोली पहचानो मैं कौन हूं मोहन ने कहा मैं तुम्हें नहीं पहचान पा रहा हूं बताओ तुम कौन हो तब उस लड़की ने कहा तुमने ही तो कहा था कि मुझे तुम्हारी आवाज सुननी है तब मोहन ने कहा वह तुम हो अब मोहन और पूजा की कॉल पर भी बात होने लगी थी वह लड़की पूजा मोहन को जानती थी लेकिन मोहन पूजा को नहीं जानता था और ना ही मोहन ने कभी पूजा की तस्वीर देखी थी धीरे-धीरे समय बीतता गया और 1 दिन मोहन को सुबह सुबह पूजा ने फोन किया और मोहन बातें करते हुए कॉलेज के कुछ ही दूर पर था तभी देखा कि मोहन के कॉलेज की जो लड़की थी जिसका नाम पूजा था।
वह भी किसी से बातें कर रही है मोहन को लगा हो ना हो हो सकता है यह मुझसे ही बातें कर रही है पूजा बातों में इतनी व्यस्त थी पूजा ने देखा ही नहीं कौन मेरे पीछे आ करके खड़ा है और मोहन सब कुछ समझ गया कि यही वह लड़की है जो मुझसे बातें कर रही है, और मोहन ने उसी वक्त आवाज दी पूजा को और मोहन ने पूजा से कहा पूजा तुम किससे बातें कर रही हो यह सुनकर के पूजा तुरंत पीछे मुड़ी और देखा कि मोहन खड़ा था।
अचानक पूजा के मुंह से निकल गया, मैं तुमसे बात कर रही थी और फिर होना क्या था पूजा और मोहन की दोस्ती हो गई अब उन दोनों को एक दूसरे से छुप छुप कर के बातें करने की कोई जरूरत नहीं थी । दोस्तों यह कहानी आप सभी लोगों को कैसी लगी आप हमें कमेंट बॉक्स के माध्यम से जरूर बताइएगा और यदि आपको यह कहानी अच्छी लगी है तो उसे लाइक कीजिए और अपने दोस्तों में कीजिएगा और हमें फॉलो कर लीजिएगा ताकि आने वाली कहानियों का अपडेट आपको मिलता रहे तो मिलते हैं किसी नेक्स्ट अच्छी कहानियों के साथ ।

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