एक छोटे से गांव में राजू नाम का एक लड़का रहता था वह गांव के स्कूल में ही पढ़ाई करता था गांव के स्कूल में उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और वह आगे की पढ़ाई करना चाहता था इसके लिए वह गांव से 60 किलोमीटर दूर कॉलेज में एडमिशन ले लिया यहां से जाने में उसे 4 से 5 घंटे लग जाया करते थे राजू का पढ़ाई में मन बहुत अच्छा लगता था वह हर एक क्लास में फर्स्ट आता था उसे सभी टीचर सभी स्टूडेंट पसंद करते थे क्योंकि वह पढ़ाई में अच्छा था और कभी-कभी वह दूसरों के भी मदद कर देता था।
उसी कॉलेज में नेहा नाम की एक लड़की पढ़ती थी उसे बहुत पसंद करता था राजू का सपना था कि मैं उससे शादी करूंगा राजू ने जब उसे प्रपोज किया नेहा को तो उसने मना कर दिया क्योंकि नेहा शहर की लड़की थी हां छोटे छोटे कपड़े पहनती थी और बहुत फैंसी बहुत स्टाइलिश लड़की थी और राजू गांव का लड़का था तो उसके रहने का और पहनने का पहनावा कुछ अलग ही था इसके लिए वह उसे पसंद नहीं करती थी नेहा ने राजू से कहा कि तुम आगे चलकर क्या करोगे राजू ने कहा अभी तो मैं सोचा नहीं हूं सोच लूंगा।
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| प्यार से सीखा है मंजिल तक पहुंचने का | Pyar Se Sikha Hai Manjil Tak Pahunchne Ka |
नेहा ने गुस्से में कहा एक गांव के लोग होते ही ऐसे हैं उनका कोई सपना नहीं होता है उनका काम ही होता है खेती-बाड़ी करना वह आगे इसके आगे वह कभी नहीं पढ़ पाएंगे राजू ने इत्मीनान से पूछा क्यों क्यों नहीं बढ़ पाएंगे अच्छा वह सब छोड़ो तुम बताओ तुम्हें कैसा लड़का चाहिए मैं वैसा बन कर तुम्हें दिखाऊंगा फिर तुम मुझसे शादी करोगी ना नेहा ने कहा मैं तुमसे तब शादी करूंगी जब तुम मैं जैसा कहूंगी वैसा बन कर दिखाओगे राजू ने कहा ठीक है तुम बताओ मुझे तुम कैसे पसंद करोगी।
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| प्यार से सीखा है मंजिल तक पहुंचने का | Pyar Se Sikha Hai Manjil Tak Pahunchne Ka |
नेहा ने कहा मैं एक आईएस ऑफिसर से शादी करना चाहूंगी अगर तुमने काबिलियत है आई एस से बनने की तो मैं तुमसे शादी करूंगी लेकिन पहले तुम आईएस अफसर बन जाओगे तब अगर तुम में दम है तो तुम यह करके दिखा दो फिर मैं तुमसे खुशी-खुशी शादी कर लूंगी राजू कुछ देर के लिए शौक हो गया उसे लगा यह मेरे बस की बात नहीं है इसे मैं नहीं कर सकता लेकिन राजू ने नेहा से कहा था मैं जैसा तुम कहोगी वैसे मैं बनकर दिखाऊंगा इसलिए राजू ने अपने आप से एक फैसला लिया कि मैं आज के बाद मैं वही काम करूंगा जो हमारी मंजिल तक ले कर जाए राजू ने दिन-रात पढ़ाई करना चालू कर दिया मेहनत करके पैसे जुटाया और पढ़ाई करता गया करता गया करता गया और उसने एक आईएस ऑफिसर की नौकरी पाली और उसके बाद नेहा से शादी भी कर ली नेहा भी बहुत खुश थी।
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| प्यार से सीखा है मंजिल तक पहुंचने का | Pyar Se Sikha Hai Manjil Tak Pahunchne Ka |
दोस्तों में इस कहानी के माध्यम से आपको यही बताना चाहता हूं कि आप कोई भी बिजनेस करें या कोई भी काम करें आपका गोल मंजिल निर्धारित होनी चाहिए कि आप लाइफ में क्या करना चाहते हैं यदि आपने निश्चित कर लिया कुछ पाने के लिए आपने अपना गोल बना लिया तो आप उसे पाकर ही रहेंगे आप अपने आप को विश्वास दिलाये कि हां मैं यह करूंगा यह करके ही रहूंगा तो आपको आपकी मंजिल तक पहुंचने से कोई भी नहीं रोक सकता आप अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचेंगे आप मेहनत करते रहिए जुनून और विश्वास के साथ दोस्तों अगर यह छोटी सी कहानी आपको अच्छी लगी है तो इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा लोगों में शेयर करें और हमारे प्रयास का हिस्सा बने और हमें फॉलो करना बिल्कुल भी ना भूलें ।



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