ऑटो रिक्शा चालक की प्रेम कहानी | Auto Rickshaw Chalak Ki Prem Kahani

  एक छोटा सा गांव था उस गांव में मोहन नाम का एक लड़का रहता था जब वह छोटा था तो उसका पढ़ाई में बिल्कुल भी मन नहीं लगता था वह घूमता रहता था पढ़ाई बिल्कुल भी नहीं करता था उसके माता-पिता भी उससे बहुत परेशान हो गए थे उसे समझा समझा कर के कि बेटा पढ़ाई कर लो पढ़ाई करोगे तो आगे अच्छी नौकरी मिलेगी लेकिन उसके समझ में कुछ नहीं आता था वह कुछ लड़कों के साथ   घूमता रहता था धीरे-धीरे समय बीतता गया और वह लड़का बड़ा हो गया उसके माता-पिता गुर्जर चुके थे  वह अपने माता-पिता का इकलौता ही पुत्र था मोहन की शादी भी नहीं हुई थी तो खाना भी उसे खुद ही पकाना होता था ।


ऑटो रिक्शा चालक की  प्रेम कहानी | Auto Rickshaw Chalak Ki Prem Kahani
ऑटो रिक्शा चालक की  प्रेम कहानी | Auto Rickshaw Chalak Ki Prem Kahani


वह हमेशा सोचता रहता था कि मैं क्या काम करूं पैसे कहां से आएंगे पैसे नहीं आएंगे तो खाना नहीं मिलेगा घर नहीं चलेगा उसने सोचा क्यों ना मैं ऑटो सीख लेता हूं फोटो में अच्छी कमाई है और मैं जल्दी सीख भी जाऊंगा लेकिन मुझे सिखाएगा कौन मोहन सोचने लगा उसने धीरे-धीरे कई लोगों को बताया कि मैं ऑटो सीखना चाहता हूं कोई अगर सिखाने वाला हो तो बताइए ।


 आखिर मोहन को एक ऑटो ड्राइवर मिला उसने मोहन को ऑटो चलाना सिखा दिया मोहन ऑटो चलाने लगा उसका लाइसेंस भी बन गया वह तो अच्छे से चलाने लगा था वैसे भी अच्छा कमाने लगा लेकिन वह हमेशा सोचता रहता था कि मैं क्या करूं जिससे मैं आगे बढ़ सकूं लेकिन उसका सोचना बेकार था क्योंकि उसने पढ़ाई नहीं की थी और अगर पढ़ाई ना की हो तो इस जमाने में आगे बढ़ना कितना मुश्किल होता है यह आप सभी लोग जानते हैं मोहन का हाल भी कुछ ऐसा ही था ।

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मोहन को आज एहसास हो रहा था कि काश मैंने उस समय पढ़ाई की होती अपने माता-पिता की बातों को अच्छे से सुना होता उसे फॉलो किया होता मोहन को आज बहुत अफसोस होता है अपनी उस नादानी पर लेकिन जो समय बीत चुका है वह वापस नहीं आता मोहन के पास ज्यादा खेती तो नहीं थी थोड़ा सा एक बीघा खेत था तो उसमें ज्यादा कुछ तो नहीं होता था बस थोड़ा खर्चा पानी चलने भर का जो है गेहूं चावल हो जाया करता था उसकी शादी वाले आते तो उसके 1 बीघा खेत था तो ज्यादा लोग रिस्पांस नहीं देते थे और धीरे-धीरे मोहन की उम्र बीती जा रही थी 


मोहन 27 साल का हो चुका था और वह ऑटो ही चला रहा था लेकिन वह अच्छा पैसा कमा लेता था घर भी अच्छा बना लिया था ऑटो चला के लेकिन शादी वाले आजकल जो गावँ में आते हैं वह घर तो देखते ही हैं और जमीन देखते हैं कि बंदा क्या कर रहा है और पढ़ाई देखते हैं कि कितना पढ़ा लिखा है कितना एजुकेटेड है यह सारी क्वालिटी लड़के के अंदर देखते हैं जो मोहन के अंदर नहीं थी लेकिन वो कहते हैं ना कि भगवान सबका भला करता है कैसे ना कैसे करके मोहन की भी जिंदगी में एक लड़की आ ही गई ।

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ऑटो रिक्शा चालक की  प्रेम कहानी | Auto Rickshaw Chalak Ki Prem Kahani


  लड़की का नाम पूछा था पूजा मोहन को  पसंद करती थी और मोहन लड़की को पसंद करता था लेकिन दोनों एक दूसरे को बता नहीं सकते थे लेकिन आखिर दोनों ने एक दूसरे की फीलिंग को महसूस किया और मजाक ही मजाक में दोनों ने एक दूसरे को प्रपोज कर दिया ।


 दोस्तों मैं आपको बता देना चाहता हूं जो गांव में प्यार का सिलसिला होता है वह ज्यादा दिन तक नहीं चलता  आप जिस लड़की से प्यार करते हैं जल्दी जल्दी आप उसे से शादी कर ले तो आपका जीवनसाथी हो सकता है अन्यथा किसी को इस पर थोड़ा भी शक हुआ तो लोग लड़की को पकड़ कर तुरंत उसकी जल्दी से जल्दी शादी कर देते हैं


 मोहन को भी यही शक था और पूजा को भी उन्होंने अपनी शादी की बात जल्दी से जल्दी करने को सोची अपने माता-पिता से मोहन के पास तो माता-पिता एक्सपायर हो चुके थे लेकिन पूजा के माता-पिता थे मोहन ने जाकर के पूजा के माता-पिता से बात की और उसके माता-पिता राजी हो गए और दोनों ने शादी कर ली अच्छे से उन दोनों का जीवन व्यतीत होने लगा


 लेकिन मोहन को आज भी पछतावा है जो उन्होंने अपने माता-पिता की बात को नहीं माना और बचपन में जो नादानियां कि उसने पढ़ाई लिखाई नहीं की खेलकूद में अपना जीवन बर्बाद कर दिया तो दोस्तों मैं उम्मीद करता हूं 


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